खुशी से गम में बदला पर्व, गणेश विसर्जन में 10 साल का मासूम डूबा, चौकीदार ने दो बच्चों को बचाया

सीहोर जिले के आष्टा में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हराजखेड़ी गांव में तीन बच्चे पपनाश नदी में फिसलकर बह गए। चौकीदार मानसिंह ने दो को बचा लिया, लेकिन 10 वर्षीय बंटी की मौत हो गई। घटना से गांव में शोक छा गया। प्रशासन ने सुरक्षा बरतने की अपील की है। सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन का माहौल उत्साह से भरा हुआ था। श्रद्धालु जयकारों और ढोल-ढमाकों के साथ प्रतिमा विसर्जन कर रहे थे। इसी बीच खुशियों के इस मौके पर ग्राम हराजखेड़ी से दुखद समाचार आया। यहां पपनाश नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन मासूम बालक नदी किनारे कीचड़ में फिसलकर पानी के तेज बहाव में बह गए।

बताया जाता है कि मौके पर ड्यूटी पर तैनात ग्राम चौकीदार मानसिंह ने स्थिति को तुरंत समझा और साहसिक कदम उठाते हुए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दो बच्चों को डूबने से बचा लिया। हालांकि तीसरे बालक को बचाया नहीं जा सका। ग्रामवासियों के अनुसार, चौकीदार ने पहले भी इन बच्चों को नदी के खतरनाक हिस्से से दूर रहने की समझाइश दी थी, लेकिन खेल-खेल में बच्चे दोबारा वहां पहुंच गए थे। इस हादसे में 10 वर्षीय बंटी पिता राजेश मालवीय की डूबने से मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ विसर्जन देखने नदी किनारे पहुंचा था। परिवार में मातम का माहौल है और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीण लगातार नदी किनारे इकट्ठा होकर खोजबीन में जुटे हैं और बच्चे के परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। आष्टा एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि बालक के शव की तलाश ग्रामजन कर रहे हैं और एसडीईआरएफ सीहोर को तत्काल सूचित किया गया है। नदी में बच्चे के शव को ढूंढने के लिए टीम मौके पर भेजी गई है। प्रशासन ने अपील की है कि विसर्जन के समय बच्चों को नदी किनारे अकेला न छोड़ा जाए।

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