सीहोर जिले के लगभग 200 सरकारी स्कूल खस्ताहाल और जर्जर स्थिति में हैं। छतें चटक चुकी हैं, प्लास्टर गिर रहा है और बच्चों की जान हर दिन खतरे में है। राजस्थान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी शिक्षा विभाग निष्क्रिय है और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।सीहोर जिले के कई स्कूलों की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं। कई दीवारें झड़ चुकी हैं और छतों से सरिए बाहर निकल आए हैं। शासकीय प्राथमिक शाला लसूड़िया कांगर, इछावर की हालत ऐसी ही है। जहां 70 छात्र और तीन शिक्षक जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। बारिश में छतों से पानी टपकता है, जिससे पढ़ाई बाधित होती है और हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है।

