Nag Panchami 2025: मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में पांच फीट चौड़ी और 100 फीट लंबी गुफा में पद्मशेष नागदेवता विराजमान हैं। साल भर में नागपंचमी के अवसर पर सिर्फ 10 दिन यहां दर्शन होते हैं। भक्त पद्मशेष नाग को मन्नतों का देवता मानते हैं। पढ़िए, चकित कर देने वाली नागद्वारी गुफा की कहानी साल में सिर्फ एक बार खुलने वाला नागद्वारी धाम भक्तों की आस्था से गुलजार है। नर्मदापुरम जिले की पर्वतीय नगरी पचमढ़ी में स्थित यह पवित्र स्थल पद्मशेष नागदेवता का वास माना जाता है, जहां दर्शन की अनुमति केवल नागपंचमी के पर्व पर 10 दिनों के लिए दी जाती है। इस बार 19 जुलाई को नागदेवता मंदिर के पट खोले गए और इसी के साथ शुरू हुई नागद्वारी यात्रा। अब तक करीब 5 लाख श्रद्धालु सात पहाड़ों की कठिन चढ़ाई पार कर नागद्वारी गुफा तक पहुंच चुके हैं। आज नागपंचमी के दिन संध्या आरती के साथ यह दस दिवसीय धार्मिक यात्रा पूरी होगी। जिसके बाद मंदिर में पट एक साल के लिए फिर बंद कर दिए जाएंगे। आइए, अब विस्तार से जानते हैं नागद्वार गुफा की कहानी, जो साल में सिर्फ दस दिन के लिए खुलती है

