जिले के नर्मदा तट स्थित बाबरी घाट पर शनिवार शाम एक हंसता-खेलता सफर मातम में बदल गया, जब नर्मदा नदी में डूबने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई

जिले के नर्मदा तट स्थित बाबरी घाट पर शनिवार शाम उस समय मातम पसर गया, जब दो सगे भाइयों की जिंदगी आंखों के सामने बुझ गई। 14 वर्षीय शुभम यदुवंशी और 16 वर्षीय विकास यदुवंशी की नर्मदा नदी में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। दोनों भाई अपने बड़े पापा भीमसेन यदुवंशी के साथ हरदा जिले के करताना जा रहे थे। घाट पर नाव का इंतजार करते हुए यह हंसता-खेलता सफर पल भर में मौत के सफर में बदल गया।बताया जा रहा है कि नाव आने में देर के चलते समय काटने के लिए शुभम नदी किनारे नहाने उतर गया। शुरुआत में सब सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक वह गहरे पानी में चला गया। शुभम के हाथ-पांव डगमगाने लगे और वह मदद के लिए चीखने लगा। पानी की लहरों के बीच डूबते मासूम को देखकर घाट पर मौजूद लोग चीखने लगे।
छोटे भाई की चीख सुनते ही विकास बिना एक पल गंवाए नदी में कूद पड़ा। उसने शुभम को बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव ने दोनों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। कुछ ही पलों में दोनों भाई पानी में लुप्त हो गए। हालांकि काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों के शरीर निष्प्राण हो चुके थे। घटनास्थल पर कोहराम मच गया। बड़े पापा भीमसेन यदुवंशी बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। कुछ ही देर में खबर गांव महगवा पहुंची और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रेत खनन के कारण नर्मदा नदी में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। ऊपर से पानी शांत दिखता है लेकिन नीचे मौत का जाल बिछा है। यही वजह है कि ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। भैरुंदा थाना प्रभारी घनश्याम मीणा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों शवों को सिविल अस्पताल भैरुंदा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
