सीहोर के बुधनी क्षेत्र में लापता युवक चंदन नागवंशी की जली लाश मिलने से सनसनी फैली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोस्तों ने शराब पार्टी के बहाने जंगल ले जाकर पत्थर से हत्या की और शव जला दिया। अंधविश्वास कारण बना, मोबाइल लोकेशन से चार आरोपी पकड़े गए गिरफ्तार।

सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र स्थित मिडघाट के घने जंगल में जब एक जला हुआ शव मिला, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह शव किसी और का नहीं, बल्कि 23 वर्षीय चंदन नागवंशी का था, जो 23 दिसंबर से लापता था। शुरुआत में यह मामला एक गुमशुदगी का लग रहा था। बाद में जैसे-जैसे पुलिस ने परतें खोलीं तो दोस्ती के पीछे छिपी एक खौफनाक साजिश सामने आती चली गई।गुमशुदगी से हत्या तक की खौफनाक कहानीचंदन नागवंशी, निवासी जावली गांव, थाना बाबई, 23 दिसंबर को घर से निकला था और वापस नहीं आया। परिजनों ने 24 दिसंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। लगातार तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार 31 दिसंबर को पुलिस को मिडघाट जंगल में एक अधजली लाश और कुछ दूरी पर जली हुई बाइक मिली। शव की हालत इतनी भयावह थी कि पहचान कर पाना मुश्किल हो गया।शराब पार्टी का झांसा, मौत की तैयारीपुलिस जांच में सामने आया कि चंदन को उसके ही दोस्तों ने शराब पार्टी के बहाने जंगल बुलाया था। मुख्य आरोपी सुशील नागवंशी, अपने साथी साहिल और दो नाबालिग दोस्तों के साथ चंदन को लेकर 40 किलोमीटर दूर मिडघाट के घने जंगल पहुंचे। रास्ते में माखननगर रोड स्थित शराब दुकान से बीयर और शराब की बोतलें भी खरीदी गईं, ताकि चंदन को पूरी तरह नशे में किया जा सके। यह सब पहले से रची गई साजिश का हिस्सा
नशे में धुत, पत्थर से कुचला गया सिरजंगल में सभी ने शराब पी। जैसे ही चंदन नशे में बेसुध हुआ, आरोपियों ने भारी पत्थर से उसका सिर बेरहमी से कुचल दिया। चीखने तक का मौका नहीं मिला और चंदन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पहचान मिटाने और सबूत खत्म करने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।अंधविश्वास बना कत्ल की वजहपुलिस पूछताछ में जो वजह सामने आई, वह और भी डरावनी थी। मुख्य आरोपी सुशील नागवंशी को शक था कि चंदन ने उसकी मां पर जादू-टोना कराया था, जिसके कारण उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। इसी अंधविश्वास ने उसे इस हद तक अंधा कर दिया कि उसने अपने ही दोस्त की जान लेने की साजिश रच डाली। बदले की आग में इंसानियत पूरी तरह जल गई।मोबाइल लोकेशन ने खोला राज, आरोपी सलाखों के पीछेहत्या के बाद आरोपी सामान्य जीवन जीते रहे और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। उन्होंने झूठी कहानी बनाई कि चंदन बुधनी में किसी से मिलने गया था, लेकिन तकनीकी साक्ष्य पुलिस के लिए सबसे बड़ा हथियार बने। मोबाइल लोकेशन से सभी आरोपियों की मौजूदगी मिडघाट जंगल में एक साथ साबित हुई। सख्ती से पूछताछ में चारों टूट गए और जुर्म कबूल कर लिया। एसडीओपी रवि शर्मा के अनुसार चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें दो नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
