वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश की वो जघन्य अपराध जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इंदौर का सोनम-राजा हत्याकांड हो या भोपाल का शाकिर मछली लव जिहाद कांड। दोनों ही घटनाओं ने प्रदेश को हिलाकर रख दिया। इसके अलावा कांस्टेबल सौरभ शर्मा के कैश-सोना कांड हो या सिवनी के सीएसपी पूजा पांडे घूसकांड। दोनों ही घटनाओं ने खाकी की साख गिराई। खंडवा महिला गैंगरेप की बर्बरता ने मानवता को ही शर्मसार कर दिया।

वर्ष 2025 की विदाई में अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं। यह वर्ष मध्य प्रदेश के लिए कई मायनों में यादगार रहा। इस साल प्रदेश ने कई ऐसे अपराध देखे जिनकी चर्चा पूरे देश में रही। इस ईयर एंडर में हम उन बड़े अपराधों का जिक्र करेंगे, जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।शादी के 12 दिन, हनीमून की खूबसूरत वादियां और फिर… एक खौफनाक अंत!बीते वर्ष 2025 में देशभर के शादीशुदा जोड़ों में दहशत भर देने वाला एक कांड मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। सोनम और राजा की शादी और हनीमून ट्रिप की कहानी ने पूरे देश को हिलाकर कर रख दिया। इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने 11 मई 2025 को शादी की थी। शादी के बाद दोनों 23 मई को मेघालय के शिलांग और सोहरा के आसपास हनीमून मनाने गए, लेकिन कुछ ही दिनों बाद दोनों लापता हो गए। इसके बाद जो हुआ उसने पूरे देश में हलचल मचा दी।
राजा का शव मिलने पर बड़ा खुलासाशादीशुदा जोड़े के यूं अचानक लापता होने के पीछे तमाम कहानियां बनने लगीं। मध्य प्रदेश से लेकर मेघायल से तक सरकार और प्रशासन हिल गया। तमाम कोशिशों के बाद स्थानीय पुलिस की तलाश एक जगह रुकी। अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां तब बन गईं जब 2 जून 2025 को राजा का शव सोहरा के पास एक गहरी घाटी में मिला। शरीर पर साफ चोटों के निशान थे और हत्या की आशंका उजागर हुई। सोनम का क्या हुआ पुलिस के लिए ये अब भी बड़ा सवाल था। तमाम कयासों और तलाश के बाद उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर के पास एक ढाबे पर सोनम की जानकारी सोशल मीडिया में वायरल हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना था कि वह हत्या की साजिश में शामिल थी और साथी आरोपियों के साथ भाग रही थी। हत्या के रची गई थी साजिशएसआईटी (विशेष जांच टीम) ने पाया कि सोनम और उसका प्रेमी राज कुशवाहा राजा की हत्या की साजिश रच रहे थे। सोनम कथित तौर पर राजा से पहले से रिश्ते में थी और उसने राज और तीन अन्य अभियुक्तों को कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में प्रेरित किया। राजा को सोहरा के एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उन तीनों ने चाकू/छुरी से हमला कर हत्या की, जबकि सोनम कथित रूप से वहीं मौजूद थी।

बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाला शाकिर मछली कांड2025 में भोपाल में लव जिहाद और उससे जुड़े लड़कियों के यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग, ड्रग्स तथा धार्मिक दबाव के आरोपों का मामला व्यापक रूप से सुर्खियों में रहा। 2025 में भोपाल में लव जिहाद और उससे जुड़े लड़कियों के यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग, ड्रग्स तथा धार्मिक दबाव के आरोपों का मामला व्यापक रूप से सुर्खियों में रहा। भोपाल में सकल हिंदू समाज नामक संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर शारिक मछली को लव जिहाद और दुष्कर्म केस का मास्टरमाइंड बताया। उन्होंने कहा कि कथित अपराधों में नाबालिगों के साथ भी बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम उल्लंघन जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।भोपाल में कुछ युवतियों ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें प्यार के जाल में फंसाकर नशा देकर शारीरिक शोषण किया गया। इतना ही नहीं उनके अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही साथ धर्म परिवर्तन का भी दबाव बनाया गया। धार्मिक स्वतंत्रता पर भी दबाव का आरोप लगा। अगस्त 2025 में भोपाल प्रशासन ने मछली परिवार की कथित अवैध 10 करोड़ की कोठी को जमींदोज कर दिया, जिसे आरोपियों की अवैध गतिविधियों से जोड़ा गया था। यह कार्रवाई ड्रग्स, लव-जिहाद और महिलाओं के शोषण से जुड़े आरोपों के बाद की गई थी।

वर्दी की आड़ में कुबेर का खजानामध्य प्रदेश में वर्ष 2024-25 का सबसे विवादित और सनसनीखेज घोटाला तब सामने आया जब भोपाल के पूर्व परिवहन विभाग के कांस्टेबल सौरभ शर्मा से जुड़े कई करोड़ रुपये के नकद, सोने-चांदी और संपत्ति का खुलासा हुआ। यह मामला राज्य में भ्रष्टाचार, संपत्ति छुपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के संदिग्ध जाल का प्रतीक बन गया। घटना की शुरुआत तब एक कार से 52 किलो सोना और लगभग 10-11 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया। यह कार भोपाल के मेंडोरी जंगल में मिली थी, जहां एक इनोवा कार में भारी मात्रा में सोना और नकद रखे मिले। यह कार सौरभ शर्मा के करीबी सहयोगी चेतन सिंह गौड़ की नामित थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया। इसी बीच लोकायुक्त पुलिस ने दिसंबर 2024 में सौरभ शर्मा के दो पते, उनके परिवार और सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 7.98 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, सोना-चांदी और दस्तावेज बरामद किए गए, जो उनकी नौकरी की तलब के अनुपात में असामान्य थे। बरामद संपत्ति में कैश, सिलो प्लेट, जेवर, वाहन और संपत्ति के कागजात शामिल थे।इन खुलासों के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में धनशोधन के तहत केस दर्ज किया। सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को फरवरी 2025 में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। ED की जांच में पता चला कि यह समूह कंपनियों और परिवार के सदस्यों के नाम पर फर्में बनाकर अवैध धन को निवेश और संपत्ति में बदल रहा था। कोर्ट में अब तक की कार्यवाही में बेल याचिकाओं को खारिज किया जा चुका है और मामले की तफ्तीश जारी है। उच्च न्यायालय में भी सुरक्षा से जुड़े आवेदन पर सुनवाई हो चुकी है, जिसमें अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों के पास प्राथमिक सबूत मौजूद हैं।
