सीहोर के पुराने भोपाल–इंदौर फोरलेन पर शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में 16 वर्षीय कृष्णा वर्मा की मौके पर मौत हो गई, जबकि 20 वर्षीय शुभम वर्मा कार के बंपर में फंसकर करीब 1 किलोमीटर तक घसीटता चला गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।

सीहोर के पुराने भोपाल–इंदौर फोरलेन पर शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक भयावह सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। मुगीसपुर के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो युवकों को बुरी तरह कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि 16 वर्षीय कृष्णा वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 वर्षीय शुभम वर्मा कार के बंपर में फंसकर लगभग 1 किलोमीटर तक घसीटता चला गया। सड़क पर खून की लंबी लकीरों ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक ने एक बार भी गाड़ी नहीं रोकी।घटना के बाद परिजनों ने इसे सड़क दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि शुभम के शरीर पर कई गहरे कट, घिसाव के निशान और सीने पर गंभीर चोटें यह दर्शाती हैं कि चालक ने जानबूझकर गाड़ी नहीं रोकी। शुभम फिलहाल भोपाल के नर्मदा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
परिजन हरिओम वर्मा और शैलेंद्र ने आरोप लगाया कि चालक नशे की हालत में था और जानबूझकर तेज रफ्तार में गाड़ी भगाता रहा। उन्होंने सवाल उठाया, “कोई इंसान इतना बेरहम कैसे हो सकता है?” मौके से कार की टूटकर गिरी नंबर प्लेट बरामद हुई। परिजनों ने बताया कि नंबर MP 04 ED 0363 चितोड़िया निवासी भोपाल सिंह वर्मा के नाम पर दर्ज है। दावा किया जा रहा है कि उस वक्त चालक शराब के नशे में था।भीड़ ने वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह फरार हो गया। इसके साथ ही पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई, केवल मर्ग कायम किया गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि मामले को साधारण एक्सीडेंट बताकर कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार मालिक और चालक किसी प्रभावशाली नेता के करीबी हैं, जिस वजह से मामला दबाया जा सकता है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘सैकड़ाखेड़ी वाला केस सबके सामने है। आरोपी नेता के खास थे, इसलिए न्याय आज तक नहीं मिला। अगर यहां भी वही हुआ तो लोगों का कानून पर भरोसा खत्म हो जाएगा।’कुछ महीने पहले सैकड़ाखेड़ी रोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे युवकों को कार ने कुचल दिया था और लोग आज भी उस मामले में न्याय का इंतजार कर रहे हैं। दोनों मामलों में आरोपी प्रभावशाली लोगों से जुड़े बताए जाते हैं, जिससे जनता में सवाल उठ रहा है, ‘क्या कानून आम जनता के लिए अलग और नेताओं के करीबियों के लिए अलग है?”कृष्णा की मौत से वर्मा परिवार बदहवास है और शुभम की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले में हत्या की धाराओं में FIR दर्ज की जाए और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक दबाव में केस दबाया गया तो वे सड़क से थाने तक आंदोलन करेंगे। इस बीच, मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया, ‘फिलहाल मामला कायम किया गया है। घायल की डायरी प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
