शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आदिवासी वर्षों से उस भूमि पर खेती कर रहे हैं, जो उनका जीवनाधार है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि देश में लोकतंत्र है, अफसरशाही नहीं। गरीबों के पेट पर लात मत मारो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन ने पुराने कब्जे वाली जमीन पर बोवनी रोकी, तो सविनय अवज्ञा आंदोलन किया जाएगा।
सीहोर जिले के भैरूंदा तहसील का दशहरा मैदान बुधवार को जनसैलाब से भर गया, जब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासी पंचायत को संबोधित करते हुए वन विभाग की तानाशाही के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। वन भूमि पर खेती कर रहे आदिवासियों को बोवनी न करने के नोटिस थमाए जाने के विरोध में हजारों लोग जुटे। मंच से चौहान ने ऐलान किया कि कोई भी अपने पुराने कब्जे नहीं छोड़ेगा, सब बोवनी करेंगे!शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आदिवासी वर्षों से उस भूमि पर खेती कर रहे हैं, जो उनका जीवनाधार है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि देश में लोकतंत्र है, अफसरशाही नहीं। गरीबों के पेट पर लात मत मारो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन ने पुराने कब्जे वाली जमीन पर बोवनी रोकी, तो सविनय अवज्ञा आंदोलन किया जाएगा। चौहान ने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर इस पूरे प्रकरण की जानकारी देंगे।

