खरगोन जिले के बड़वाह के पास ओंकारेश्वर नहर में डूब रही युवती को दो युवकों ने साहस और सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर रेस्क्यू से युवती की जान बच गई। उसका इलाज अस्पताल में जारी है और हालत स्थिर है।

खरगोन जिले के बड़वाह नगर के पास ओंकारेश्वर बांध से निकली मुख्य नहर में एक युवती के डूबने की घटना सामने आई, जहां समय रहते दो युवकों की तत्परता और साहस से उसकी जान बच गई। घटना होटल पंचवटी क्षेत्र के पास की है। फिलहाल युवती की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उसका इलाज अस्पताल में जारी है।जानकारी के अनुसार, बड़वाह नगर के पार्षद प्रतिनिधि जिम्मी तोमर की आरओ वाटर सप्लाई कंपनी में कार्यरत दीपेश और सुजल रोज की तरह पानी सप्लाई कर नहर मार्ग से लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नहर से “बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो एक युवती तेज बहाव वाली नहर में डूबती नजर आई और खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दोनों युवकों ने बिना देर किए आसपास मौजूद लोगों को आवाज देकर मदद के लिए बुलाया। इसके बाद उन्होंने तत्काल रेस्क्यू की योजना बनाई। युवकों ने अपने स्वेटर को खोलकर रस्सी का रूप दिया। एक युवक ने स्वेटर की रस्सी कमर में बांधी और नहर में उतर गया, जबकि दूसरा युवक बाहर से रस्सी थामे रहा। कड़ी मशक्कत के बाद युवक ने युवती को पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।घटना की सूचना मिलते ही पार्षद प्रतिनिधि जिम्मी तोमर मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवती को तुरंत शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवती की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।युवती नहर में कैसे पहुंची, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, युवती को बचाने वाले दीपेश और सुजल के साहसिक कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। पार्षद प्रतिनिधि जिम्मी तोमर ने कहा कि दोनों युवकों ने बिना अपनी जान की परवाह किए मानवता का परिचय दिया है, जो प्रशंसनीय है।
