इंदौर में पत्रकार पर हमले के विरोध में बुधनी के पत्रकारों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बुधनी। इंदौर में वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा और उनकी टीम पर हुए हमले की घटना को लेकर पूरे प्रदेश के पत्रकार जगत में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में सोमवार दोपहर 1:30 बजे बुधनी क्षेत्र के स्थानीय पत्रकारों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

ज्ञात हो कि इंदौर आरटीओ कार्यालय में पिछले दिनों वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा, उनके कैमरामैन और टीम के साथ मारपीट की गई थी। बताया जाता है कि पत्रकार वहां आरटीओ कार्यालय में हो रहे अनियमितताओं और दलाली नेटवर्क की पड़ताल करने गए थे, जिसके बाद कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। कैमरे तोड़ दिए गए और टीम को घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना ने प्रदेशभर के मीडिया कर्मियों में चिंता और गुस्सा पैदा कर दिया है।

इसी घटना के विरोध में बुधनी के पत्रकार सोमवार को एकजुट हुए और एसडीएम कार्यालय में शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचकर अपना पक्ष रखा। पत्रकारों ने कहा कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। अगर प्रदेश में सच लिखने और सच दिखाने वालों पर इस तरह हमले होते रहे तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा।”
ज्ञापन में
इंदौर घटना में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
निष्पक्ष और तेज़ जांच कराते हुए दोषियों को सख्त सजा दी जाए। प्रदेशभर में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
सरकारी कार्यालयों, विशेषकर आरटीओ जैसे विभागों में मौजूद दलाली और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे डॉ रमेश चंद्र शर्मा ने कहा इंदौर में हमारे पत्रकार साथी और वीडियोग्राफर के साथ जो अमानवीय और शर्मनाक घटना घटित हुई है, वह पत्रकारिता पर एक बड़ा कलंक है। यदि प्रशासन इस तरह की घिनौनी हरकतों को रोकने में असफल रहता है और पत्रकारों पर हमले होते रहते हैं, तो पत्रकार स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से समाचार संचार एवं तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।

हम सभी पत्रकार साथी इस घटना की भर्त्सना करते हैं और शासन-प्रशासन से आग्रह करते हैं कि दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएँ और पीड़ित पत्रकारों को न्याय तथा उचित सहायता प्रदान की जाए।

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