मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भोपाल में ‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ दृष्टि पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस योजना का लक्ष्य अगले 25 वर्षों में मध्यप्रदेश को सुखद, सम्पन्न और सांस्कृतिक रूप से अग्रणी राज्य बनाना है। यह विज़न राज्य को आत्मनिर्भर और संतुलित विकास की दिशा में ले जाने वाला रोडमैप है।मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर रविंद्र भवन मेंं अभ्युदय मध्य प्रदेश के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ दृष्टि पत्र जारी किया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने ‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ दृष्टि पत्र का प्रेजेंटेशन दिया। इस विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को “सुखद, सम्पन्न और सांस्कृतिक” राज्य बनाना है। इसके लिए नीति आयोग, विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और छात्रों से सुझाव लेकर एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है। मुख्य सचिव ने बताया कि यह योजना विकसित भारत @2047 के अनुरूप तैयार की गई है। इसमें 8 थीमेटिक समूहों के माध्यम से राज्य के हर क्षेत्र में संतुलित विकास का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि यह दृष्टि पत्र केवल एक योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में सामूहिक संकल्प है।

