सीहोर में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर नाबालिग को ब्लैकमेल करने वाले आरोपी निर्मल श्रीवास्तव उर्फ मयंक (22) को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी ने ऑनलाइन गेमिंग में नुकसान की भरपाई के लिए पीड़िता से करीब तीन लाख नकद और ज्वेलरी ऐंठी थी। पिता की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ और जांच जारी हैसीहोर में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर नाबालिग को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता से दोस्ती की और बाद में उसे ब्लैकमेल कर करीब तीन लाख रुपए नकद और लाखों रुपए की ज्वेलरी ऐंठ ली। जब आरोपी ने और अधिक पैसे की मांग की, तो पीड़िता ने अपने पिता को सारी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामला थाने पहुंचा।थाना कोतवाली पुलिस के अनुसार तिरुपति कॉलोनी निवासी पिता ने 03 सितंबर को थाना कोतवाली में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में बताया गया कि आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की और बाद में ब्लैकमेल कर नकदी व ज्वेलरी ऐंठ ली। पिता ने आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत एवं नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनंदना शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम को आरोपी की तलाश और माल मशरुका की रिकवरी का जिम्मा दिया गया। टीम ने आरोपी निर्मल श्रीवास्तव उर्फ मयंक, निवासी इछावर, (22) को सीहोर में गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। उसने बताया कि उसने ऑनलाइन गेमिंग में हारने के बाद पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए पीड़िता से नकदी और ज्वेलरी ली। ज्वेलरी को अलग-अलग जगह से गोल्ड लोन के माध्यम से कैश कराया।
ब्लैकमेलिंग का ये निकला कारणआरोपी ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उसने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। उसने मान लिया कि वह नकद और ज्वेलरी लेकर गेमिंग में हार हुए पैसे चुका सकता है। ऐसे उजागर हुआ मामलापीड़िता ने अपने पिता को घटना की जानकारी देकर समय रहते पुलिस को सूचना दी। पिता की सतर्कता से आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी और और आगे की ब्लैकमेलिंग रोकी गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। आरोपी से चोरी गई नकदी और ज्वेलरी की रिकवरी के प्रयास जारी हैं। कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि आरोपी से माल मशरुका की वसूली की जा रही है और सभी कानूनी कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता के साथ हो रही है।

